23/12/2025
चन्दन एवं मालाबार नीम -----
चन्दन (Sandalwood)
चन्दन एक सुगंधित, औषधीय और धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण वृक्ष है। भारत में इसे पवित्र माना जाता है और इसकी लकड़ी व तेल दोनों ही क़ीमती होते हैं।
चंदन की अर्थव्यवस्था उच्च मूल्य वाले, दीर्घकालिक निवेशके रूप में इसकी स्थिति पर केंद्रित है , जो इत्र, दवा और सौंदर्य प्रसाधनों में भारी मांग से प्रेरित है, जिसमें परिपक्व पेड़ 15-20 वर्षों के बाद महत्वपूर्ण लाभ (लाखों रुपये) देते हैं, उच्च प्रारंभिक लागत, चोरी के जोखिम और मेजबान पौधे पर निर्भरता जैसी जैविक जटिलताओं के बावजूद, भारत, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका वैश्विक आपूर्ति में अग्रणी हैं, जो वर्तमान उत्पादन से कहीं अधिक बढ़ती मांग का सामना कर रहे हैं ।
मालाबार नीम (वैज्ञानिक नाम: Melia dubia) भारत में तेज़ी से उभरती कृषि-वानिकी फसल है, जो किसानों को कम समय में अच्छा मुनाफ़ा देती है।
तेज़ वृद्धि और उपज: यह तेजी से बढ़ता है और पर्याप्त मात्रा में लकड़ी का उत्पादन करता है (उदाहरण के लिए, 3 वर्षों में 500किलोग्राम/पेड़,)।
उच्च लाभप्रदता: संभावित शुद्ध लाभ 6-10 वर्षों के भीतर प्रति एकड़ ₹10-25 लाख तक हो सकता है।
बाजार मूल्य: लकड़ी को प्लाईवुड, फर्नीचर, पैकिंग बॉक्स, माचिस, पेपर पल्प, बायोमास लिए बेचा जाता है, जिससे स्थान (खेत से सीधे प्राप्त लकड़ी बनाम कारखाने से प्राप्त लकड़ी) के आधार पर ₹5,000-₹11,000 प्रति टन की कीमत प्राप्त होती है।
कम रखरखाव: इसे पॉपुलर की तुलना में कम पानी की आवश्यकता होती है और यह विभिन्न परिस्थितियों में अच्छी तरह से पनपता है, जिससे निरंतर लागत कम हो जाती है।
कृषि वानिकी का लाभ: सीधी वृद्धि और कम छाया अंतरफसल खेती की अनुमति देती है, जिससे समग्र कृषि आय में वृद्धि होती है।
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