30/01/2023
Origanum Majorana, Marjoram, Marwa - Plant.(मरुआ औषधीय पौधा)
मरुआ के पत्ते के फायदे (Marua leaves)
मरुआ के पत्तों में पोटैशियम, कार्बोहाइड्रेट, डाइटरी फाइबर, प्रोटीन, विटामिन सी और कैल्शियम काफी मात्रा में होता है। इसके अलावा मरुआ आयरन, विटामिन बी6 और मैग्नीशियम का भी अच्छा सोर्स है। मरुआ की पत्तियों के उपयोग से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं दूर होती हैं।
1. बच्चों के पेट में कीड़े खत्म करे (worms in stomach in child symptoms)
मरुआ की चटनी खाने से पेट की कीड़े निकल जाते हैं। यह पेट के इंफेक्शन को भी ठीक करता है।
अगर आपका बच्चा बहुत छोटे हैं, तो इस स्थिति में आप मरुआ की पत्तियों को पीसकर रस निकाल लें। 4-6 बूंद मरुआ की पत्तियों का रस बच्चों को खाली पेट पिलाएं। 3-7 दिनों के अंदर पेट के कीड़े निकल जाएंगे।
2 .अपच की समस्या दूर करे (indigestion home remedies)
मरुआ की पत्तियां अपच की समस्या को दूर करने में भी लाभकारी हैं। इसके लिए मरुआ और अदरक की चटनी बना लें। इससे अपच की समस्या दूर होगी, साथ की भूख भी बढ़ेगी। मरुआ पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करता है। यह अपच दूर करने का अच्छा घरेलू उपाय है।
3.सर्दी-जुकाम में आराम दिलाए (how to cure cold and cough)
इसके लिए चाय में मरुआ की 8-10 पत्तियां डाल लें। आप चाहें तो बेहतर परिणाम के लिए मुलेठी भी डाल सकते हैं। इससे जल्दी ही सर्दी-जुकाम में आराम मिलेगा। मरुआ की चाय को फायदेमंद बनाता है।
4.सिरदर्द में उपयोगी (how to headache remove)
मरुआ की पत्तियां सिरदर्द, माइग्रेन की समस्या में भी उपयोगी होती हैं। अगर आपको माइग्रेन की शिकायत है, तो 8-10 पत्तियां का रस निकाल लें। इसे दोनों नासिकाओं में 4-4 बूंद डाल दें। इससे आपको काफी आराम मिलेगा। इसके अलावा आप मरुआ के पत्तों का लेप भी माथे पर लगा सकते हैं। इससे सिरदर्द, माइग्रेन में आराम मिलेगा।
5. मुंह की बदबू दूर करे (mouth smell solution)
मरुआ के पत्ते मसूड़ों की समस्या, मुंह की बदबू को भी दूर करता है। इसके लिए मरुआ की पत्तियों को चबाएं। आप इन पत्तियों को अंदर भी ले सकते हैं, थूक भी सकते हैं। इससे आपके मुंह की दुर्गंध दूर होगी। मसूड़ों की समस्या, मसूड़ों की सूजन भी दूर होगी। मुंह की समस्याओं, गले में खराश होने पर आप मरुआ के पत्तों को पानी में उबालकर गरारे भी कर सकते हैं।
6. कफ रोगियों के लिए गुणकारी
आयुर्वेद में मरुआ के पत्ते को कफ रोगियों के लिए गुणकारी बताया गया है। इसका काढ़ा पीने से खांसी दूर होती है। फेफड़ों की सफाई होती है, साथ ही इससे गले में जमा बलगम भी आसानी से निकलता है।