04/07/2025
"दरारें सिर्फ छत में नहीं होतीं, भरोसे में भी होती हैं...
मगर जहां भरोसा मुझ पर किया गया, वहां पानी की एक बूंद भी नीचे नहीं जाती।"
पहली तस्वीर में जो काली लाइनें दिखाई दे रही हैं, वो असल में छत की वो दरारें थीं जिनसे बारिश का पानी टपकता था, लोगों की छतें भीगती थीं और उनके सपनों तक में सीलन घुस जाती थी।
मैंने इन दरारों को सिर से हथौड़े की मार झेलते हुए खोला, उन्हें आधा इंच गहरा किया और फिर रिपेयर फिलर से भरकर उन्हें सील किया। उसके बाद वॉटरप्रूफिंग का काम शुरू हुआ — दूसरी फोटो में उसका पहला कोट दिख रहा है।
शायद मैं दूसरी परत की तस्वीर नहीं खींच पाया, लेकिन मेरा काम बोलता है।
"छत को रोकना मेरी गारंटी है।"
मैं चाहता हूं कि लोग चैन की नींद लें, टपकती छतों से परेशान न हों।
क्यों मेरी ज़रूरत पड़ रही है लोगों को?
क्योंकि मैं सिर्फ पेंटिंग या रिपेयरिंग नहीं करता,
मैं समाधान देता हूं।
आपके भरोसे की हर एक ईंट की हिफ़ाज़त करना मेरी जिम्मेदारी है।
और जब तक मैं इस काम में हूं, तब तक कोई छत अकेली नहीं भीगेगी।
– कासिम पेंटर
(छत को रोकने का नाम ही पहचान है)
📍 मंडावली, नजीबाबाद
📞 8449920496
ी_गारंटी #सीलन_मुक्त_घर