16/05/2026
नींबू की खट्टी मीठी चटनी -
सामग्री
नींबू – ½ किलो (धोकर, सुखाए हुए, पतले छिलके वाले)
चीनी – 600 ग्राम
काली मिर्च – ½ छोटी चम्मच
लौंग – 4–5
जीरा – 2 छोटे चम्मच
मेथी दाना – 1 छोटी चम्मच
बड़ी इलायची – 5 (या छोटी इलायची 6–7)
काला नमक – 1 टेबलस्पून
हल्दी पाउडर – 1 छोटी चम्मच
जिंजर पाउडर (सोंठ) – 1 छोटी चम्मच
हींग – 2 चुटकी
कश्मीरी लाल मिर्च – 2 चम्मच
विधि -
सबसे पहले नींबू को साफ पानी से धो लें और उन्हें पूरी तरह सूखने दें, क्योंकि थोड़ी-सी भी नमी चटनी की शेल्फ लाइफ को घटा सकती है। सूखने के बाद नींबू को बीच से काटें, बीज और बीच का सफेद हिस्सा निकाल दें ताकि चटनी में कड़वाहट न आए। कटे हुए नींबुओं को मिक्सर में हल्का-सा दरदरा पीसें, ध्यान रहे कि पेस्ट बिल्कुल महीन न बने, वरना चटनी का टेक्सचर गड़बड़ा जाएगा।
अब कड़ाही को धीमी आँच पर रखें और काली मिर्च, लौंग, जीरा, मेथी दाना और बड़ी इलायची के दानों को 1–2 मिनट तक हल्का भूनें ताकि इनकी नमी निकल जाए। इन्हें ठंडा होने दें और फिर मिक्सर में दरदरा पीस लें। मसालों का यह ताज़ा पाउडर चटनी का फ्लेवर गहरा और संतुलित बनाता है।
अब नॉन-स्टिक या स्टील की कड़ाही में नींबू का पेस्ट डालें (एल्युमीनियम/लोहे की कड़ाही का उपयोग बिल्कुल न करें)। नींबू को धीमी आँच पर 3–4 मिनट पकाएँ ताकि वे हल्के नरम हो जाएँ। इसके बाद चीनी डालें और तब तक चलाते रहें जब तक चीनी पूरी तरह घुल न जाए। चाहें तो चीनी की जगह गुड़ भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
जैसे ही चीनी घुल जाए, पिसे हुए मसाले, काला नमक, हल्दी, सोंठ, हींग और कश्मीरी लाल मिर्च डालकर अच्छी तरह मिलाएँ। अब चटनी को लो-मीडियम फ्लेम पर 10 मिनट तक पकाएँ, जब तक यह थोड़ा गाढ़ा न हो जाए और चाशनी में एक तार बनने लगे। फ्लेम बंद करके पूरी चटनी को पूरी तरह ठंडा होने दें, ठंडा होने पर इसका गाढ़ापन और बढ़ जाता है।
जब चटनी पूरी तरह ठंडी हो जाए, इसे साफ और सूखे कांच के जार में भरें। हमेशा यह सुनिश्चित करें कि चटनी निकालने में इस्तेमाल होने वाले चम्मच और जार बिल्कुल सूखे हों, तभी यह सालों तक सुरक्षित रहती है।
टिप्स
चटनी बनाने से पहले नींबू या कड़ाही में बिल्कुल भी नमी न हो, नहीं तो चटनी जल्दी खराब हो सकती है।
नींबू को पीसते समय पेस्ट बहुत महीन न बनाएँ, इससे चटनी का असली टेक्सचर खत्म हो जाता है।
मसालों को ज़्यादा देर न भूनें वरना उनका स्वाद कड़वा हो सकता है।
चटनी में एक-तार चाशनी ज़रूरी है; ज़्यादा गाढ़ी चाशनी चटनी को सख्त बना सकती है।
स्टोर करते समय हमेशा कांच का जार ही इस्तेमाल करें, प्लास्टिक कंटेनर स्वाद बिगाड़ देता है।
चाहें तो कम या ज़्यादा मीठापन चीनी की मात्रा से एडजस्ट कर सकते हैं।
चटनी को 6–7 दिनों बाद ही खाएँ, क्योंकि मसाले तब तक सेट होकर सही स्वाद देते हैं।