05/01/2026
यहाँ लहसुन की फसल में होने वाले सभी प्रमुख रोगों के 100% ऑर्गेनिक (जैविक) उपचार सरल भाषा में दिए जा रहे हैं 🌱
ये उपाय खेती, भंडारण और भूमि – तीनों स्तर पर काम करते हैं।
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🌿 1. सफेद सड़न (White Rot) – ऑर्गेनिक उपचार
✅ उपचार
🌱 ट्राइकोडर्मा विरिडे / हार्ज़ियानम
👉 2.5 किलो/एकड़ गोबर खाद में मिलाकर मिट्टी में डालें
🌿 नीम खली
👉 100–150 किलो/एकड़
🌞 फसल चक्र (लहसुन के बाद गेहूं/धान न लें)
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🍃 2. पर्पल ब्लॉच (बैंगनी धब्बा)
✅ उपचार
🪴 नीम तेल 1500 ppm
👉 3–5 ml/लीटर पानी छिड़काव
🌿 दशपर्णी अर्क
👉 3–5% घोल
🌱 छाछ (मठा)
👉 10% घोल, 7 दिन में 1 बार
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🌧️ 3. डाउनy मिल्ड्यू (फफूंदी रोग)
✅ उपचार
🐄 गौमूत्र अर्क
👉 5–7% घोल छिड़काव
🌿 बेकिंग सोडा + साबुन (ऑर्गेनिक)
👉 1 ग्राम/लीटर
🌞 खेत में हवा और धूप का प्रवाह रखें
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🌱 4. बेसल रॉट / जड़ सड़न
✅ उपचार
🌱 ट्राइकोडर्मा + स्यूडोमोनास
🌿 नीम खली + गोबर खाद
🚫 जलभराव बिल्कुल न होने दें
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🦠 5. स्मट रोग (काला चूर्ण)
✅ उपचार
🌿 बीज उपचार
👉 ट्राइकोडर्मा 10 ग्राम/किलो बीज
🌞 धूप में बीज सुखाकर बोएँ
🌱 गहरी जुताई करें
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🧬 6. बैक्टीरियल सॉफ्ट रॉट (गांठ सड़न)
✅ उपचार
🐄 छाछ 10% + हल्दी पाउडर
🌞 कटाई के बाद अच्छे से सुखाना
🍃 भंडारण में नीम पत्तियाँ रखें
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🧪 7. वायरल मोज़ेक रोग
✅ उपचार (वायरस का इलाज नहीं, रोकथाम जरूरी)
🌿 नीम तेल 3 ml/लीटर
🌱 लहसुन–मिर्च अर्क
🐞 एफिड कीट नियंत्रण अनिवार्य
🌱 रोगमुक्त बीज ही लगाएँ
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🐛 8. निमेटोड (सूत्रकृमि)
✅ उपचार
🌿 नीम खली 150–200 किलो/एकड़
🌱 पौधों की जड़ में ट्राइकोडर्मा
🔄 फसल चक्र (सरसों, धनिया)
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🌾 9. पोषक तत्वों की कमी (ऑर्गेनिक सुधार)
✅ उपचार
🐄 गोबर खाद / वर्मी कम्पोस्ट
🌿 जीवामृत / घनजीवामृत
🍂 पत्तों पर छाछ या मटका खाद छिड़काव
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✅ संपूर्ण जैविक सुरक्षा पैकेज (Golden Rule)
✔️ बीज उपचार – ट्राइकोडर्मा
✔️ नीम खली हर सीजन
✔️ 15 दिन में नीम तेल स्प्रे
✔️ जल निकासी सही
✔️ फसल चक्र अनिवार्य