12/04/2020
मान्यवर प्रधानमंत्रीजी एवं राज्यों के सभी मुख्यमंत्रीजी,
पहले आपने 21-मार्च से 14- अप्रैल तक सभी राज्यों के लाँकडाउन की घोषणा की और सभी से ऑफिस, दुकान, कारखाने बन्द रखने का आग्रह किया।ओर फिर से कई राज्यों में 15-अप्रैल से 30-अप्रैल तक लाँकडाउन बढ़ गया है ओर इसके बाद भी अभी कोरोना वायरस की महामारी के चलते जिस प्रकार से कोरोना संक्रमित के आँकड़े दिन पे दिन भारत देश में बढ़ते जा रहे है इन हालातों को देखकर ऐसा महसूस हो रहा है की यह लाँकडाउन इतनी जल्दी नहीं समाप्त होगा
मान्यवर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी,
आप भारतवासियों के मन में आपने एक जगह बनाई है भारतवासियों के मन में आपने एक विश्वास की डोर जगाई है इसे आप टूटने मत दीजियेगा
मान्यवर प्रधानमंत्री जी इस लाँकडाउन के चलते आपने सभी राज्यों के गरीबों, बेसहारा और किसानों के लिए राशन, कर्ज-माफ़ी ओर उनके बैंक के खातों में रुपये भिजवायें है ये आपने बहुत अच्छा काम किया है।इसके लिए हम भारतवासी आपका सह दिल से शुक्रिया अदा करते हैं
लेकिन-:
मान्यवर प्रधानमंत्री जी हम छोटे व्यापारी, बड़े व्यापारी और मिडिल क्लास वालो की क्या गलती है जिनको इस कोरोना की महामारी के लाँकडाउन में किसी भी तरह का लाभ नहीं मिलता। क्या गलती है हमारी की हम पूरा दिन महनत करके अपना व्यवसाय चलाते हैं और व्यापार से जो पैसा कमाते हैं
उससे
(1)घर का खर्च (2)बच्चों की स्कूल फीस (3) बच्चों की ट्यूशन फीस (4)घर ओर दुकान का लाइट बिल (5)दुकान के कर्मचारियों की पेमेन्ट (6) जी एस टी का खच॔ (7)मुनीम की फीस (8) बैंक का ब्याज (9) मकान या दुकान की EMI किश्त (10)दुकान या मकान का किराया (11)दुकान ओर मकान की प्राँपर्टी ओर पानी की टेक्स (12) बच्चों की स्कूल वेन की फीस (13)गाड़ी के लाइसेंस ओर इंश्योरेंस का खच॔ (14) परिवार के इंश्योरेंस का खच॔ (15) बच्चों के स्कूल की काँपी ओर किताब का खच॔ (16)ओर अन्य फुटकर खच॔
जबसे आँनलाइन बिजनेस चालू हुआ है तबसे व्यापारीयों की जेसे कमर ही टूट गई हो इसके बाद भी व्यापार मददा हो या तेज हो व्यापारीयों को खच॔ चालू है इसके बाद भी व्यापारी और मिडिल क्लास वालो के लिए सरकार की तरफ से कोई भी लाभ नहीं मिलता ऐसा क्यों?
हम क्या इंसान नहीं है?
मान्यवर प्रधानमंत्री जी इस कोरोना की महामारी के चलते लाँकडाउन में सबसे ज्यादा व्यापारियों ओर मिडिल क्लास वालो को फक॔ पड़ा है क्योंकि हमारे तो सभी खर्च चालू है लाँकडाउन के चलते सभी के व्यापार ठप्प हो गये हैं बैंक से जिन्होंने भी लोन या कज॔ लिया है लाँकडाउन के चलते उनकी सिर्फ किश्तों को आगे बढ़ा रहे हैं लेकिन ब्याज माफ नहीं कर रहे हैं ओर लाँकडाउन के चलते जब तक किश्त बढेगी तब तक बैंक ब्याज के उपर ब्याज वसूलेगी
अब सवाल ये उठता है कि व्यापारी और मिडिल क्लास वालो का गुजारा कैसे होगा क्योंकि दुकान खुली हो या बन्द हो उनके तो सभी खर्च चालू है
*मान्यवर प्रधानमंत्री जी से हम सभी व्यापारी और मिडिल क्लास वाले अपील करते हैं की जो हमारे उपर बैंक का ब्याज, बच्चों की स्कूल फीस, घर ओर दुकान का लाइट बिल, प्राँपर्टी ओर पानी की टेक्स,GST खच॔, ये सभी खच॔ 6- महीने के लिए माफ किये जायें
हमें 30 अप्रैल या उससे अधिक समय तक भी घर में रहकर सहयोग करने में भी कोई आपत्ति नहीं, यदि सरकार यह बोझ हटा दे। सरकार समझौता करें हम आपके आभारी रहेंगे
जिस प्रकार आप किसानों को अकाल में ब्याज से मुक्ति देते हैं, यह समय हम व्यापारियों के लिए भी अकाल ही है।
समस्त व्यापारी संघ,भारत