Tiwari ji ka garden

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अगर आप गुलाब प्रेमी हैं, तो ये पौधे भी आपको ज़रूर पसंद आएंगे, क्योंकि इनके फूल, रंग, आकार और कोमलता में गुलाब से बिल्कुल...
02/11/2025

अगर आप गुलाब प्रेमी हैं, तो ये पौधे भी आपको ज़रूर पसंद आएंगे, क्योंकि इनके फूल, रंग, आकार और कोमलता में गुलाब से बिल्कुल मिलते-जुलते हैं। साथ ही, इनकी देखभाल भी आसान है और ये आपके गार्डन या बालकनी की शोभा को कई गुना बढ़ा देंगे।

1️⃣ अडेनियम (Adenium / Desert Rose) – यह पौधा अपने मोटे तने और चमकीले, गुलाब जैसे फूलों के लिए जाना जाता है। गर्म और सूखे इलाकों के लिए यह एक परफेक्ट प्लांट है। इसके फूल लाल, गुलाबी और सफेद रंगों में खिलते हैं।

2️⃣ लिशियन्थस (Lisianthus) – इसके रेशमी पंखुड़ियों वाले फूल बिल्कुल गुलाब जैसे लगते हैं। यह फूल गुलाबी, बैंगनी, सफेद और नीले रंगों में खिलते हैं और लंबे समय तक ताज़ा बने रहते हैं।

3️⃣ गंधराज (Gardenia) – इसकी सफेद, सुगंधित कलियाँ गुलाब जैसी सुंदर और कोमल होती हैं। गंधराज के फूल घर के वातावरण को सुगंध से भर देते हैं। इसे आधी धूप और हल्की नमी पसंद होती है।

4️⃣ जैस्मीन (Jasmine) – जैस्मीन के छोटे सफेद फूलों में गुलाब जैसी कोमलता और प्राकृतिक खुशबू होती है। इसे धूप और नमी दोनों पसंद हैं।

5️⃣ रैनुनकुलस (Ranunculus) – इस पौधे के फूल परतदार पंखुड़ियों वाले होते हैं जो आकार में बिल्कुल गुलाब जैसे दिखते हैं। इनके रंग बेहद आकर्षक होते हैं — लाल, पीले, गुलाबी और सफेद। यह सर्दी के मौसम में गार्डन की शोभा बढ़ाते हैं।

26/10/2025

छठ पूजा

अगर आपके अपराजिता के पौधे में सिर्फ पत्तियां आ रही है और फूल नहीं आ रहे हैं या बहुत कम आ रहे हैं, तो पौधे में  नीचे दी ग...
25/08/2025

अगर आपके अपराजिता के पौधे में सिर्फ पत्तियां आ रही है और फूल नहीं आ रहे हैं या बहुत कम आ रहे हैं, तो पौधे में नीचे दी गई खाद डाल दें, आपका पौधा फूलों से भर जाएगा।

♦️ इस खाद को बनाने के लिए 2 चम्मच इस्तेमाल की गई चायपत्ती, 2 केले के छिलके और 3-4 प्याज के छिलके को बारीक काटकर 1 लीटर पानी में 3-4 दिन तक डिकम्पोस्ट होने के लिए छोड़ दें। फिर 3-4 दिन बाद इस घोल को छानकर, इसमें एक्स्ट्रा 2 लीटर और पानी मिला दें। फिर पौधे की मिट्टी की गुड़ाई करके उसमें 150-200 ml घोल की मात्रा को पौधे में डालें। इस लिक्विड फर्टिलाइजर का इस्तेमाल हर 15-20 दिन पर एक बार जरूर करें, कुछ ही दिनों में आपका पौधा फूलों से भर जायेगा।

आप इस लिक्विड फर्टिलाइजर को हरसिंगार, गुड़हल, गुलाब जैसे और भी फूल वाले पौधों में बंपर फ्लाॅवरिंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

#अपराजिता #पौधा

10 पॉपुलर हैंगिंग प्लांट।
03/06/2025

10 पॉपुलर हैंगिंग प्लांट।

जब किसान ने आम को जलेबी बना दिया! पंजाब के इस नवाचारी किसान ने मीठे, घुमावदार आम की अनोखी किस्म तैयार की, जो अब विदेशों ...
24/05/2025

जब किसान ने आम को जलेबी बना दिया! पंजाब के इस नवाचारी किसान ने मीठे, घुमावदार आम की अनोखी किस्म तैयार की, जो अब विदेशों में भी धूम मचा रही है। यह है भारतीय कृषि की नई उड़ान।

गार्डेनिंग की शुरुआत करे इन 10 फूलों वाली कटिंग के पौधों से।1.पारिजात2.गुड़हल3.चमेली4. युफोर्बिया 5.बोगनविलिया 6.चम्पा7....
24/05/2025

गार्डेनिंग की शुरुआत करे इन 10 फूलों वाली कटिंग के पौधों से।

1.पारिजात
2.गुड़हल
3.चमेली
4. युफोर्बिया
5.बोगनविलिया
6.चम्पा
7.गुलाब
8.डायंथस
9.पर्पल हार्ट
10.कैलेंचो

स्वर्ग से आए हैं ❤️💯तीन फूल अपराजिता, पारिजात और मधुकामिनी, जानिए मधुकामिनी क्या है? 🇮🇳 #मधुकामिनी के फूल गर्मियों में ख...
30/04/2025

स्वर्ग से आए हैं ❤️💯तीन फूल अपराजिता, पारिजात और मधुकामिनी, जानिए मधुकामिनी क्या है? 🇮🇳
#मधुकामिनी के फूल गर्मियों में खिलते हैं।🖊️ घर में अगर एक बार आपने कामिनी के फूल का पौधा लगा दिया तो ४-५ वर्ष या इससे अधिक समय तक फूल आते रहेंगे। सौंधी और मनमोहक खुशबू के कारण इसे अपने घर की बालकनी में लगाना बहुत ही आसान है।
मधुकामिनी प्लांट को सबसे अच्छे इनडोर और आउटडोर पौधों में से एक माना जाता है। वास्तु के अनुसार यह प्लांट घर-आंगन को खुशियों से भर सकता है।जरूरी बात यह है कि यह कम रखरखाव वाला पौधा है और इसमें सुगंधित फूलों के गुच्छे होते हैं जो सुंदर ति‍तलियों और चिड़ियों को बहुत आकर्षित करते हैं।
मधुकामिनी फूल का वनस्पति नाम है मुराया पैनीकुलेटम। यह एक सफेद रंग का फूल है जो घर की सज्जा के साथ औषधि के लिए भी प्रयोग किया जाता है

खूशबूदार फूलों में से मधुकामिनी दिन रात महकने वाला प्लांट है। यह एक सदाबहार झाड़ीनुमा पौधा है जिसका आकार ५-१५ फिट तक होता है। नारंगी यानी संतरा जैसी सुगंध आने के कारण इसको ऑरेंज जैस्मीन नाम से भी जाना जाता है। इसके फूलों का रंग सफेद होता है!
इसके फूलों की मनभावन सुगंध मानसिक तनाव को दूर करने वाली होती है!

मान्यता है कि जो तीन फूल स्वर्ग से आए हैं उसमें #अपराजिता, #पारिजात के साथ तीसरा फूल मधुकामिनी ही है...


मधुकामिनी के लाभ

इसके मात्र २ पत्तों को उबाल कर पीने से श्वास रोग में बहुत ज्यादा लाभ होता है। गला साफ़ होता है।

इसके फूलों को बेडरूम में रखने से दाम्पत्य जीवन सुखी रहता है। ऐसा माना गया है।

मधुकामिनी की पत्तियां शुभकारी होती हैं इसीलिए विवाह मण्डपों में इसका प्रयोग होता है।

तमिल भाषा में इसे वेंगराए और तेलगु में नागागोलुंग , मराठी में कुंती तो मणिपुरी में कामिनी कुसुम कहा जाता है। कन्नड़ में काडु कारिबेयु तो #मलयालम में #मारामुला कहा जाता है।


कढ़ी पत्ता, जिसे करी पत्ता भी कहते हैं, भारतीय व्यंजनों में स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक लोकप्रिय ...
26/04/2025

कढ़ी पत्ता, जिसे करी पत्ता भी कहते हैं, भारतीय व्यंजनों में स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक लोकप्रिय पौधा हैं। यह न केवल स्वाद बढ़ाता हैं बल्कि सेहत के लिए भी कई लाभ प्रदान करता हैं।

■ कढ़ी पत्ता के औषधीय गुण:-
कढ़ी पत्ता में विटामिन ए, बी, सी, बी12, कैल्शियम और आयरन प्रचुर मात्रा में होता हैं। यह प्राकृतिक रूप से प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता हैं। कढ़ी पत्ते की तासीर ठंडी होती हैं जो पेट को ठंडक पहुंचाता हैं, जिससे पाचन से जुड़ी कई समस्याओं से छुटकारा मिलता हैं। भोजन में कढ़ी पत्ता को शामिल करने से पेचिश, दस्त, मधुमेह, मॉर्निंग सिकनेस और जी मिचलाना के उपचार में मदद मिलती हैं।

■ कढ़ी पत्ता के कुछ प्रमुख लाभ:-

● पाचन में सुधार:
कढ़ी पत्ता पाचन क्रिया को बेहतर बनाता हैं और गैस, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत दिलाता हैं।

● मधुमेह नियंत्रण:
यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता हैं और टाइप 2 मधुमेह के जोखिम को कम करता हैं।

● वजन घटाने में सहायक:
यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता हैं और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता हैं, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती हैं।

● दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद:
कढ़ी पत्ता खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद करता हैं।

● त्वचा और बालों के स्वास्थ्य में सुधार:
कढ़ी पत्ता, त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद होता हैं, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व होते हैं जो बालों के विकास को बढ़ावा देते हैं और त्वचा को स्वस्थ बनाते हैं।

● रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि:
यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता हैं और बीमारियों से लड़ने में मदद करता हैं।

● हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी:
यह कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता हैं।

● एंटीऑक्सीडेंट गुण:
कढ़ी पत्ता एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो शरीर को विषाक्त पदार्थों से बचाता हैं।

■ कढ़ी पत्ते का सेवन कैसे करें:-

● खाली पेट 4-5 कढ़ी पत्ते की पत्तियां चबाने से कई स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं।

● कढ़ी पत्ते को खाना बनाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता हैं, जैसे कि करी, दाल, रायता, सांभर और सब्जी में।

● कढ़ी पत्ते का तेल भी इस्तेमाल किया जा सकता हैं, जो बालों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता हैं।

■ सावधानियां:-

● यदि आपको अस्थमा या एलर्जी हैं तो करी पत्ता खाने से बचें।

● अगर आप कोई दवा ले रहे हैं, तो कढ़ी पत्ते का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

■ कढ़ी पत्ता का पौधा कैसे लगाये :-
कढ़ी पत्ता के पौधे को तीन विधि बीज, कलम और तैयार पौधा लेकर फरवरी से मार्च या बरसात के महीने में लगाया जा सकता हैं। सबसे पहले गमले में मिट्टी भर लें और उसके अंदर बीज डालकर 2 से 3 इंच मिट्टी से ढ़क दें। मिट्टी को भरपूर पानी देकर नमी बनाकर रखें, लेकिन ध्यान रखें पानी की मात्रा ज्यादा नहीं होनी चाहिए। गमले को हर दिन कम से कम 5-6 घंटे की धूप मिलने वाली जगह पर रखें। इसके बीज 7 से 10 दिन में अंकुरित हो जाते हैं।

■ निष्कर्ष:-
कढ़ी पत्ता एक फायदेमंद पौधा हैं जो कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में मदद करता हैं। इसे रोजाना खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैं और कई बीमारियों से बचा जा सकता हैं।

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