29/09/2017
आज से शुरू हो गया जीएसटी रजिस्ट्रेशन, यह है पूरी प्रक्रिया
अभी GST लोगों के लिए किसी पहेली से कम नहीं हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि जीएसटी लागू होने के बाद क्या करना चाहिए।इसलिए जल्दी करा लें रजिस्ट्रेशन, नहीं तो होंगे ये नुकसान...
लखनऊ. GST एक जुलाई से लागू होने जा रहा है। पत्रिका उत्तर प्रदेश की टीम इस मुद्दे को लेकर फेसबुक लाइव कर लोगों से बातचीत कर रही है। लेकिन इस बीच जो एक चीज सामने निकलकर आई है, वह यह है कि अभी GST लोगों के लिए किसी पहेली से कम नहीं हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि जीएसटी लागू होने के बाद क्या करना चाहिए। पत्रिका ने इस मुद्दे पर विशेषज्ञों से बात की, जिन्होंने की बारीकियां बताईं। साथ ही उनकी पहली सलाह यह है कि समय रहते रजिस्ट्रेशन करवा लेना बेहतर होगा।
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GST Registration आज से 30 जून तक फिर से शुरू हो रहा है। इस बार अनरजिस्टर्ड या नए कारोबारी भी इसके लिए आवेदन कर सकेंगे। इसकी कोई फीस नहीं है, लेकिन अगर आप किसी सीए या आईटी सॉल्यूशन फर्म की मदद लेंगे तो तो 1000 से 3000 तक का खर्च आ सकता है।
रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो
अगर आपका टर्नओवर 20 लाख रुपए से अधिक है और आप वैट, एक्साइज या सर्विस टैक्स में रजिस्टर्ड हैं तो बिना प्रोविजनल जीएसटी रजिस्ट्रेशन के जीएसटी लागू होते ही आप अनरजिस्टर्ड कैटेगरी में आ जाएंगे। नए रजिस्ट्रेशन के लिए 30 दिन का वक्त है। पिछले इनपुट क्रेडिट और रिफंड के लिए आपको रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इस अवधि में रजिस्ट्रेशन न कराने वाले जीएसटी और अन्य करों से जुड़े कई लाभों से वंचित हो जाएंगे।
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कैसे करें रजिस्ट्रेशन
रजिस्ट्रेशन के आवेदन के लिए देश भर के कारोबारी gst.gov.in पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। आप जिस विभाग में रजिस्टर्ड हैं, उसके जरिए जीएसटी आईडी और पासवर्ड भेज दिया गया होगा। अनरजिस्टर्ड कारोबारियों के लिए 25 जून को पोर्टल खुलते ही एक खास लिंक दिया जाएगा, जिस पर क्लिक कर वो अपना आईडी और पासवर्ड जेनरेट कर सकेंगे।
इसके लिए सबसे पहले जीएसटी पोर्टल
gst.gov.in पर लॉगिन करें। प्रोविजनल आईडी-पासवर्ड भरें। आईडी वेरिफिकेशन के बाद स्थायी ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर डालें। ओटीपी की मदद से लॉगिन पॉसवर्ड बदल लें। अनरजिस्टर्ड कारोबारियों को उनके मौजूदा डॉक्युमेंट्स के आधार पर आईडी जेनरेट करने का मौका मिलेगा।
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तब मिलेगा रेफरेंस नंबर
आईडी-पासवर्ड एंटर करते ही आप सीधे एनरॉलमेंट एप्लिकेशन पेज पर चले जाएंगे। जहां आठ अलग-अलग टैब पर क्लिक कर बिजनेस डिटेल्स, प्रमोटर या पार्टनर, अथॉराइज्ड सिग्नेटरी, कारोबार या मुख्य स्थान, कारोबार का अतिरिक्त स्थान, सामान और सेवाएं और बैंक अकाउंट की डिटेल्स देनी होगी। इसके बाद डिजिटल सिग्नेचर का पेज खुलेगा, जिसे सबमिट करने के 15 मिनट बाद ही आपको एप्लिकेशन रेफरेंस नंबर मिल जाएगा।
एनरॉलमेंट मतलब रजिस्ट्रेशन तय!
एनरॉलमेंट लागू होने का मतलब है कि रजिस्ट्रेशन लगभग तया। डिपार्टमेंट सेल्स डिटेल्स सहित कुछ जानकारियां अपलोड करने को कह सकता है। इसके बाद एक प्रोविजनल GST रजिस्ट्रेश नंबर जारी होगा, जो GST लागू होने के बाद स्थायी टिन नंबर होगा।
समस्या हो तो यहां संपर्क करें
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[email protected] पर अपनी समस्याएं डिटेल के साथ भेजें या फिर Toll Free 1800-1200-231 कॉल कर अपनी समस्या के बारे में समाधान पा सकते हैं।