Aone furniture tosham

Aone furniture tosham we have all type home appliance and we have all brands home appliance

08/10/2015
19/02/2015

हरिवंशराय बच्चन की ------
बहुत ही अच्छी पंक्तियाँ ------

जब मुझे यकीन है ------
के भगवान मेरे साथ है,
तो इस से कोई फर्क नहीं पड़ता ------
के कौन कौन मेरे खिलाफ है।
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तजुर्बे ने ------
एक बात सिखाई है,
एक नया दर्द ही ------
पुराने दर्द की दवाई है।
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हसने की इच्छा ना हो ------
तो भी हसना पड़ता है,
कोई जब पूछे कैसे हो?
तो मजे में हूँ कहना पड़ता है।
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ये ज़िन्दगी का ------
रंगमंच है दोस्तों,
यहाँ हर एक को ------
नाटक करना पड़ता है।
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माचिस की ज़रूरत ------
यहाँ नहीं पड़ती,
यहाँ आदमी ------
आदमी से जलता है।
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मंदिर में फूल चढ़ा कर आए ------
तो यह एहसास हुआ,
कि पत्थरों को मनाने में ------
फूलों का क़त्ल कर आए हम।
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जल जाते हैं ------
मेरे अंदाज़ से मेरे दुश्मन,
क्यूंकि एक मुद्दत से मैंने ------
न मोहब्बत बदली,
और न दोस्त बदले।
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एक घड़ी ख़रीदकर ------
हाथ में क्या बाँध ली,
वक़्त ------
पीछे ही पड़ गया मेरे।
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सोचा था ------
घर बना कर बैठूँगा सुकून से,
पर घर की ज़रूरतों ने ------
मुसाफ़िर बना डाला।
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सुकून की बात ------
मत कर ऐ ग़ालिब,
बचपन वाला इतवार ------
अब नहीं आता।
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जीवन की भाग दौड़ में ------
क्यूँ वक़्त के साथ रंगत खो जाती है,
हँसती खेलती ज़िन्दगी भी ------
आम हो जाती है।
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एक सवेरा था ------
जब हँस कर उठते थे हम,
और आज कई बार ------
बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है।
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कितने दूर निकल गए ------
रिश्तो को निभाते निभाते,
खुद को खो दिया हमने ------
अपनों को पाते पाते।
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लोग कहते हैं ------
हम मुस्कुराते बहोत हैँ,
और हम थक गए ------
दर्द छुपाते छुपाते।
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खुश हूँ ------
और सबको खुश रखता हूँ,
लापरवाह हूँ ------
फिर भी सबकी परवाह करता हूँ।
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यूं ही हम दिल को ------
साफ़ रखा करते थे,
पता नहीं था ------
कि कीमत चेहरों की होती है।
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दो बातें इंसान को ------
अपनों से दूर कर देती हैं,
एक उसका अहम ------
और दूसरा उसका वहम।
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पैसे से सुख ------
कभी खरीदा नहीं जाता,
और दुःख का कोई ------
खरीदार नहीं होता।
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किसी की गलतियों को ------
बेनक़ाब ना कर,
ईश्वर बैठा है ------
तू हिसाब ना कर।
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27/10/2014

कैसी भी हो एक
बहन होनी चाहिये..........।
बड़ी हो तो माँ- बाप से बचाने वाली.
छोटी हो तो हमारे पीठ पिछे छुपने वाली..........॥
बड़ी हो तो चुपचाप हमारे पाँकेट मे पैसे रखने वाली,
छोटी हो तो चुपचाप पैसे निकाल लेने वाली.........॥
छोटी हो या बड़ी,
छोटी- छोटी बातों पे लड़ने वाली,एक बहन होनी चाहिये.......॥
बड़ी हो तो ,गलती पे हमारे कान खींचने वाली,
छोटी हो तो अपनी गलती पर,साँरी भईया कहने
वाली...
खुद से ज्यादा हमे प्यार करने वाली एक बहन होनी चाहिये.... ....॥ "

Happy diwali
23/10/2014

Happy diwali

17/10/2014
11/10/2014

ट्रेफिक पुलिस हवलदार :- "हेल्मेट, लाइसेंस,RC कुछ नहीं है ?
चल कोई नहीं, 50/- दे और निकल ले।".
कूल ड्यूड :- "आपको पता नहीं है, सत्यमेव जयते फिर से शुरू हो रहा है।".
हवलदार :- "अच्छा, तो फिर ये ले चालान, अब निकाल 500/-बचुवा".
कूल ड्यूड :- "अरे सर, मैं तो मज़ाक कर रहा था, वैसे भी मैं तो सिर्फ M TV ही देखता हूँ।

09/10/2014

📞हैलो माँ ... में रवि बोल रहा हूँ....,कैसी हो माँ....?

मैं.... मैं…ठीक हूँ बेटे.....,ये बताओ तुम और बहू दोनों कैसे हो?

हम दोनों ठीक है

माँ...आपकी बहुत याद आती है…, ..अच्छा सुनो माँ,में अगले महीने इंडिया आ रहा हूँ.....तुम्हें लेने।

क्या...? हाँ माँ....,अब हम सब साथ ही रहेंगे....,

नीतू कह रही थी माज़ी को अमेरिका ले आओ वहाँ अकेली बहुत परेशान हो रही होंगी।

हैलो ....सुनरही हो माँ...?“हाँ...ह ाँ बेटे...“,बूढ़ी आंखो से खुशी की अश्रुधारा बह निकली,बेटे और बहू का प्यार नस नस में दौड़ने लगा।

जीवन के सत्तर साल गुजार चुकी सावित्री ने जल्दी से अपने पल्लू से आँसू पोंछे और बेटे से बात करने लगी।

पूरे दो साल बाद बेटा घर आ रहा था।

बूढ़ी सावित्री ने मोहल्ले भरमे दौड़ दौड़ कर ये खबर सबको सुना दी।

सभी खुश थे की चलो बुढ़ापा चैनसे बेटे और बहू के साथ गुजर जाएगा।

रवि अकेला आया था,उसने कहा की माँ हमे जल्दी ही वापिस जाना है इसलिए जो भी💴💵💷 रुपया पैसा किसी से लेना है वो लेकर रखलों और तब तक मे किसी प्रोपेर्टी डीलर से मकान की बात करता हूँ।

“मकान...?”, माँ ने पूछा। हाँ माँ,अब ये मकान बेचना पड़ेगा वरना कौन इसकी देखभाल करेगा।

हम सबतो अब अमेरिका मे ही रहेंगे।बूढ़ी आंखो ने मकान के कोने कोने को ऐसे निहारा जैसे किसी अबोध बच्चे को सहला रही हो।

आनन फानन और औने-पौने दाम मे रवि ने मकान बेच दिया।

सावित्री देवी ने वो जरूरी सामान समेटा जिस से उनको बहुत ज्यादा लगाव था।

रवि टैक्सी मँगवा चुका था। एयरपोर्ट पहुँचकर रवि ने कहा,”माँ तुम यहाँ बैठो मे अंदर जाकर सामान की जांच और बोर्डिंग और विजा का काम निपटा लेता हूँ।

““ठीक है बेटे।“,सावित्री देवी वही पास की बेंच पर बैठ गई।

काफी समय बीत चुका था। बाहर बैठी सावित्री देवी बार बार उस दरवाजे की तरफ देख रही थी जिसमे रवि गया था लेकिन अभी तक बाहर नहीं आया।‘

शायद अंदर बहुत भीड़ होगी...’,सोचकर बूढ़ी आंखे फिर से टकट की लगाए देखने लगती।

अंधेरा हो चुका था। एयरपोर्ट के बाहरगहमागहमी कम हो चुकी थी।

“माजी...,किस से मिलना है?”,एक कर्मचारी नेवृद्धा से
पूछा ।

“मेरा बेटा अंदर गया था.....📧टिकिट लेने,वो मुझे अमेरिका लेकर जा रहा है ....”,सावित्री देबी ने घबराकर कहा।

“लेकिन अंदर तो कोई पैसेंजर नहीं है,अमेरिका जाने वाली फ्लाइट तो दोपहर मे ही चली गई। क्या नाम था आपके बेटे
का?” ,कर्मचारी ने सवाल किया।

“र....रवि. ...”, सावित्री के चेहरे पे चिंता की लकीरें उभर आई।

कर्मचारी अंदर गया और कुछ देर बाद बाहर आकर बोला,“माजी....

आपका बेटा रवि तो अमेरिका जाने वाली फ्लाइट से कब का जा चुका...।”“क्या. ? ”

वृद्धा कि आखो से आँसुओं का सैलाब फुट पड़ा।

बूढ़ी माँ का रोम रोम कांप उठा। किसी तरह वापिस घर पहुंची जो अब बिक चुका था।

रात में घर के बाहर चबूतरे पर ही सो गई।सुबह हुई तो दयालु मकान मालिक ने एक कमरा रहने को दे दिया।

पति की💴 पेंशन से घर का किराया और खाने का काम चलने
लगा।

समय गुजरने लगा। एक दिन मकान मालिक ने वृद्धा से पूछा।

“माजी... क्यों नही आप अपने किसी रिश्तेदार के यहाँ चली जाए,अब आपकी उम्र भी बहुत हो गई,अकेली कब तक रह पाएँगी।“

“हाँ,चली तो जाऊँ,लेकिन कल को मेरा बेटा आया तो..?,
यहाँ फिर कौन उसका ख्याल रखेगा?“......

आखँ से आसू आने लग गए दोस्तों ....!!!

माँ बाप का दिल कभी मत दुखाना 👬दोस्तों मेरी आपसे ये हाथ जोड़कर विनती है

ये पोस्ट को अपने 👬दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे ।।

धन्यवाद आप सबका जो आपने अपना कीमती समय निकाल कर इस पोस्ट को दिया
एक दिन मैं कॉलेज से घर आने के लिये
निकला आसमान
में बादल थे...
लग रहा था कि बारिश होने वाली थी...
इसलिए सोचा कि घर जल्दी पहुँच जाऊँ पर रास्ते
में
ही बारिश शुरू हो गई और मैं भीग गया...!!!
घर जाते ही बड़ी बहन ने कहा -: "थोड़ी देर रुक
नही सकते थे...??"
बड़े भाई ने कहा -: "कहीं साइड में खड़े
हो जाते ...??"
पापा ने कहा -: "खड़े कैसे हो जाते..!! जनाब
को बारिश में भीगने का शौक जो है.. इतने में मम्मी आई और सिर पर टॉवेल रखते हुऐ
बोली -: "ये बारिश भी ना... थोड़ी देर रुक
जाती तो मेरा बेटा घर आ जाता...!!!"
'माँ' तो 'माँ' होती है...
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08/10/2014

Boy-Apne schol ki sunata hu 1 prem khaniEk thi topper jo thi percntage ki rani
FirFir kya?Hmne pata li,
Aur Fail ho g*i Mharani.

07/10/2014

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Haryana
127040

Telephone

9812588235

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