26/03/2018
भवन बनावते समय रखें किन बातों का ध्यान...
आइये जानते है कि भवन खरीदते या बनवाते समय किन बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
1-दो विशाल भूखंड के मध्य छोटा संकरा भंखूण्ड कभी भी उत्तम नहीं माना गया है।
2-भूख्ंड खरीदेते समय यह ध्यान अवश्य दें कि भूखंड सूर्यवेधी या चन्द्रभेदी है।
3-प्राथमिक रूप से भवन निर्माण के लिए वर्गाकार या आयताकार भूमि का ही चयन करना चाहिए। विकृत भूमि का चयन कदापि न करें।
4-भवन में भारी वस्तुये हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा में ही रखनी चाहिए। पूर्व व उत्तर में कदापि नहीं।
5-भवन के सामने किसी प्रकार का अवरोध जैसे-टीला, बड़ा वृ़क्ष, बिजली का खंभा, ट्रासंफार्मर आदि नहीं होना चाहिए।
6-भवन में एक सीध में दो दरवाजे नहीं रखने चाहिए। इससे सकारात्मक उर्जा घर में नहीं टिकती है।
7-भूखंड के सामने कोई धार्मिक स्थल नहीं होना चाहिए। मन्दिर की छाया पड़ने पर वह भवन रहने के योग्य नहीं रहता है।
8-आपका भवन किसी बन्द रास्ते का आखिरी मकान नहीं होना चाहिए और न आने वाले रास्ते के ठीक सामने हो।
9-अध्ययनरत छात्र, वृद्ध और अध्यात्मिक व्यक्तियों को पूर्व दिशा की ओर सिर रखकर सोना चाहिए।
10-हैंडपंप या समरसेबल घर के पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए।
11-भोजनायल कभी भी उत्तर या ईशान कोण में नहीं बनवाना चाहिए। हमेशा आग्नेय कोण में ही भोजनायल होना चाहिए।
12-बिना दरवाजों के, बिना छत के घर में गृह प्रवेश नहीं करना नहीं चाहिए। ऐसा करने से परिवार पर संकट आते है।
13-गृहप्रवेश कभी भी रविवार, मंगलवार या शनिवार को कदापि न करें अन्यथा मुसीबतें पीछा नहीं छोड़ती है।
14-घर में उत्तर दिशा की दीवार पर झरने का चित्र नहीं लगाना चाहिए वरना धन की बर्बादी होती है।
15-भवन की नाली उत्तर दिशा में ही होनी चाहिए यानि पानी का बहाव उत्तर की ओर होना शुभ माना जाता है।
16-भवन खरीदते या बनाते समय यह विचार जरूर करना चाहिए कि भवन शेर मुखी या गौ मुखी। शेर मुखी मकान व्यापारिक संस्थान के लिए अच्छा होता है किन्तु गौ मुखी निवास करने के लिए शुभ होता है।