19/05/2017
घर से अनुपयोगी और अनावश्यक चीज़ों को हटाइये
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सबसे पहले तो आप यह समझ लें कि घर से कबाड़ या अनुपयोगी और अनावश्यक चीज़ों को हटाना कहाँ तक तर्कसंगत है | कुछ लोगों का मानना है कि ऐसा करना कतई आवश्यक नहीं है जबकि कुछ लोगों का तर्क इसके पक्ष में होता है | जहाँ तक अनुपयोगी चीज़ों को हटाने की बात है,यह एक अत्यंत आवश्यक कार्य है जिसे हमें हर हाल में शीघ्रतापूर्वक निबटा लेना चाहिए | हमारे मस्तिष्क में कंप्यूटर की तरह सीमित जगह होती है | इस जगह को हमें बेकार की बातों,पुरानी अनावश्यक दुःखद यादों से नहीं भरना चाहिए | जब हमारा मस्तिष्क इन सब बेकार की बातों से मुक्त होता है तब हम कहीं बेहतर तरीके से सोंच-समझ सकते हैं और अपने और दूसरों के जीवन को सही दिशा दे सकते हैं |आप माने या ना मानें लेकिन यह सच है कि हमारे देश में ज्यादातर घरों में अनावश्यक वस्तुओं का जमावाड़ा अवश्य होता है | कई बार हम अनुपयोगी और अनावश्यक चीज़ों को घर से बाहर फेंकने के बजाय अपने घर में दुछत्ती पर या कमरे में किसी टांड़ पर फेंक कर निश्चिन्त हो जाते हैं | हम इस बात से बेखबर रहते हैं कि उक्त स्थान पर पड़ी वह अनावश्यक वस्तु हमें कितनी हानि पहुँचा सकती है | उस बेकार की वस्तु के दुष्प्रभाव स्वरूप हमारे कार्यों में बिलम्ब होने लगता है और इससे हमारा मानसिक संतुलन भी बुरी तरह प्रभावित होता है | अनुपयोगी वस्तु किस किस्म की है,कैसी है और उसका क्या महत्त्व है इन सब तथ्यों पर हमारे मस्तिष्क का संतुलन या असंतुलन निर्भर करता है | कभी-कभी कोई मामूली सी लगने वाली चीज़ ही किसी बड़ी विपत्ति का कारण बन जाती है | ऐसा नहीं है कि निर्जीव चीज़ का कोई महत्त्व ही नहीं है | घर में रखी हर वस्तु अपने उपयोग का इंतज़ार किया करती है और सच भी है कि समय-समय पर हम उन चीज़ों का उपयोग भी करते हैं | घर में बेकार पड़ी चीज़ों के उपयोग का भी वक़्त आ जाता है |
किसी घर में काफी रद्दी कागज़ और अखबारों का जमावाड़ा था जो कई वर्षों का था | घर के मालिक ने उन अख़बारों और रद्दी कागज़ों को इस लालच से नहीं हटाया था कि ज्यादा रद्दी एकत्र हो जाने पर कबाड़ी को बेचने पर काफी लाभ होगा | यही नहीं उन्होंने घर के काफी वर्षों से फ्यूज हुए बल्बों को भी सहेजकर रखा था | अब इसे उनकी बदनसीबी कहें या विधि का विधान,कि किसी गंभीर बीमारी के कारण उनका एकलौता आठ वर्ष का पुत्र चल बसा | घर में पता नहीं कैसे इतनी विकट परिस्थिति उत्पन्न हो गई कि उनके पास गैस खत्म हो जाने पर गैस का सिलेंडर खरीदने के भी पैसे नहीं बचे | तब उनकी पत्नी ने ईंटों का चूल्हा बनाकर उन्हीं अखबारों और रद्दी कागज़ों को जलाकर खाना बनाया |
तो कहने का तात्पर्य यह है कि प्रत्येक वस्तु,सजीव या निर्जीव अपने उपयोग के समय का इंतज़ार किया करती है | इसलिए घर में ऐसी कोई भी चीज़ ना रखें जो हमारे उपयोग में तो आए परन्तु हमरी स्थिति बिगड़ने पर | फ़टी-पुरानी,टूटी-फूटी वस्तुएं एवं कपड़े आदि निर्धनता को दर्शाते हैं | घर में ऐसी किसी भी वस्तु को रखने से बचें जो कि गरीबी का एहसास कराती हो | टूटे-फूटे-चिटके गिलास या कप घर से तुरंत हटा दें | फटे कपड़ों को दुरुस्त करा लें या किसी गरीब को दान में दे दें | ध्यान रखें,ऐसी चीज़ों का दान निर्धन या असहाय व्यक्ति को ही दें | किसी सामर्थ्यवान व्यक्ति को भूलकर भी किसी पुरानी वस्तु या कपड़ों का दान न करें | धारदार और नुकीली चीज़ों को छिपाकर रखना चाहिए | आप भले ही सस्ते कपड़े पहनें लेकिन आपके कपड़े सही हालत में और आपके और दूसरों के मन को प्रसन्नता देने वाले होने चाहिए | आपके कपड़ों और आपके घर की वस्तुओं को देखने से किसी के भी मन में नकारात्मक विचार नहीं आने चाहिए | कुल मिलाकर आप यह समझ लें कि आपको और आपके घर को देखने से सभी को प्रसन्नता का एहसास होना अति आवश्यक है | ऐसा आपकी उन्नति के लिए बहुत ज़रूरी है |
घर में यदि काफी समय से किसी भी प्रकार का कोई इलेक्ट्रॉनिक या बिजली का उपकरण बिना किसी उपयोग के रखा हुआ है तो उसका निबटारा तुरंत करें | ऐसी वस्तुएँ कार्यों में बाधा का कारण बनती हैं | काम में आने वाली प्रत्येक वस्तु को झाड़-पोंछकर साफ-सुथरा और चालू हालत में रखना चाहिए | कपड़ों,इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों आदि के अनुपयोगी बिलों को तुरंत हटा दें | यदि ये निकट भविष्य में काम आने वाले हों तो सहेजकर तभी तक रखें जब तक इनकी आवश्यकता पड़ती है,अन्यथा इन्हें तुरंत हटा दें |
घर के एक-एक कमरे को व्यवस्थित करें और अपनी बुद्धि और विवेक का उपयोग करते हुए अनावश्यक एवं अनुपयोगी वस्तुओं को हटाते रहें | यह प्रक्रिया आपको जब-तब दोहरानी चाहिए | बीते वर्षों के तिथि वाले कैलेंडर हटा दें | वर्तमान कलेंडर ही रखें | नीरसता से बचने के लिए और जीवन में उत्साह को कायम रखने के लिए अपनी सामर्थ्य के अनुसार घर में नई और उपयोगी वस्तुओं को अवश्य लाएं | घर में किसी भी महत्वपूर्ण वस्तु को किसी अच्छे दिन ही खरीदकर लाएं | रोजमर्रा की वस्तुओं को भी खरीदने में उतावले न बनें | जिस वस्तु को जिस दिन खरीदने की बात शास्त्रों में कही गई हो,उसका अवश्य पालन करें | जहाँ तक हो सके शुभ मुहूर्त का अवश्य ध्यान रखें | प्रयास करें कि घर के कबाड़ का निबटारा प्रत्येक सप्ताह या प्रत्येक माह में करते रहें | अपने घर के आस-पास भी साफ-सुथरा माहौल बनाए रखने का प्रयास करें |