किसानी - प्रायोगिक खेती का वैज्ञानिक आधार

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आपके यहाँ हल्दी क्या भाव चल रही है इन दिनों?
14/01/2025

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फार्म कंसल्टेंसी
13/10/2024

फार्म कंसल्टेंसी

Seeking endorsements on a letter to Union Agri Minister against two Herbicide Tolerant (HT) Rice varieties launched by I...
25/07/2024

Seeking endorsements on a letter to Union Agri Minister against two Herbicide Tolerant (HT) Rice varieties launched by ICAR

Earlier this week, we circulated another letter addressed to ICAR, about several MOUs it had signed with corporations like Bayer, Syngenta and Amazon. Close to 450 of you endorsed that letter. Thank you! This current letter is on another matter of concern.

It is on the release of two varieties of Herbicide Tolerant (HT) basmati rice by ICAR in June 2024. These varieties can now withstand the spray of Imazethapyr, a weedkiller toxin.

The adverse environmental, health and socio-economic issues related to HT crops have been well-debated already in India and abroad, and most countries do not allow HT crops for cultivation. Moreover, what ICAR has done is illegal as per the extant statutory regulatory framework with regard to pesticides/herbicides.

Please find a letter we are going to send in this regard to the Union Agriculture Minister with a copy to Union Environment Minister in the google form on this link. If you believe that the two HT basmati rice varieties should not be allowed for commercial cultivation, please endorse the letter by filling the google form by July 26, 2024.

The following letter is to be sent on July 27, 2024 to Shri Shivraj Singh Chauhan, Hon’ble Union Minister for Agriculture & Farmers’ Welfare, and copied to Shri Bhupender Yadav, Minister, Ministry of Environment, Forest and Climate Change. The letter expresses concerns on two Herbicide Tolerant ...

जड़ों से उम्र के अनुसार दूरी पर खाद देने की जगह
13/06/2024

जड़ों से उम्र के अनुसार दूरी पर खाद देने की जगह

क्या आप इस सब्जी को पहचान सके??अगले 21 जवाब बाद इस पौधे के बारे मे हम कमेंट बॉक्स मे बताएंगे 💐🌱🙏🏻
13/06/2024

क्या आप इस सब्जी को पहचान सके??
अगले 21 जवाब बाद इस पौधे के बारे मे हम कमेंट बॉक्स मे बताएंगे 💐🌱🙏🏻

अंबिका और अरूणिका है आम की सबसे बौनी किस्म ।इन्हें घर के किसी भी कोने में लगाकर आप प्रतिवर्ष 20 किलो तक आम उगा सकते हैं।...
13/06/2024

अंबिका और अरूणिका है आम की सबसे बौनी किस्म ।

इन्हें घर के किसी भी कोने में लगाकर आप प्रतिवर्ष 20 किलो तक आम उगा सकते हैं।
आवाज एक पहल
इंसान में बौनापन अभिशाप है पर आम के पौधों को बौना करने की कवायद चल रही है. अंबिका और अरूणिका वैज्ञानिकों के तकरीबन 30 साल की मेहनत के बाद आम की बोनी वैरायटी के रूप में विकसित की गई है। दरअसल आम के इन छोटी वैरायटी के कई फायदे हैं । इससे सघन वृक्षारोपण में कम स्थान में अधिक संख्या में पौधे लगने के कारण कुछ ही सालों में बहुत अधिक उपज मिलना संभव है।छोटे पौधों से फलों को तोड़ना आसान है और उनकी देखरेख में भी कम खर्च होता है।अभी तक आम्रपाली किस्म अपने छोटे आकार के लिए काफी प्रचलित हुई हैं लेकिन आम्रपाली के फल बाजार में आने में 30 वर्ष लग गये.इसके पौधे भी अन्य किस्मों की तरह विशाल रूप धारण कर लेते हैं.
इसी दिशा में केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ में बौनी प्रजातियों के विकास के लिए शोध किया गया और अरूणिका एवं अम्बिका नाम की संकर किस्में विकसित की गई. अरूणिका अपनी माँ आम्रपाली से पौधों के आकार में लगभग 40 प्रतिशत छोटी है. लाल रंग के आकर्षक फलों के कारण बौना पेड़ और आकर्षक लगता है.
केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ राजन बताते हैं कि आम की किस्में बौनी तभी हो सकती हैं जब उन पर हर वर्ष फल आए. चौसा और लंगड़ा जैसी एक साल छोड़ कर फलने वाली किस्मों के पौधे बड़े आकार के होते हैं. नियमित फलन के कारण अम्बिका, अरुणिका और आम्रपाली जैसी किस्मों के पौधे छोटे आकार के रहते हैं. इनकी ख़ासियत यह भी है कि फलों के तोड़ने के बाद निकली हुई टहनियों में फूल का आ जाना. लंगड़ा, चौसा और दशहरी में फल तोड़ने के बाद निकली हुई टहनियों में फूल सामान्यतः एक वर्ष छोड़कर फल आते हैं.।
दक्षिण भारतीय किस्म नीलम, उत्तर भारत में अपने छोटे आकार के पौधों के लिए जानी जाती है. आम्रपाली में नीलम ने पिता का रोल अदा किया और इसी कारण आम्रपाली से अरूणिका में नियमित फलन और बौनेपन का गुण विद्यमान है. हर साल फल देने वाली बौनी किस्में सघन बागवानी के लिए उपयुक्त है. कम स्थान में अधिक संख्या में पौधे लगाकर ज्यादा फल उत्पादन आज बागवानी के क्षेत्र में एक सफल तकनीक के रूप में अपनाया जा रहा है.🥦🥦

पिछले 50 सालों से हमारे पर्यावरण के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 22 अप्रैल को दुनिया भर में विश्व पृ...
22/04/2024

पिछले 50 सालों से हमारे पर्यावरण के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 22 अप्रैल को दुनिया भर में विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को एक साथ आने के लिए प्रोत्साहित करना है।

हमारे बदलते पर्यावरण की गंभीर चिंताओं को लेकर अध्ययन किए जा रहे हैं। आज के इस दौर में प्रमुख वैज्ञानिक, पर्यावरणविद, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा जलवायु को लेकर चिंतित हैं।

पृथ्वी दिवस पर लोग पर्यावरण को हुए नुकसान को दूर करने के लिए स्थायी तरीकों को अपनाने का संकल्प लेते हैं। बढ़ते तापमान और प्राकृतिक संसाधनों की कमी के साथ ग्लोबल वार्मिंग एक गंभीर मुद्दा है। वनों को काटे जाने और जानवरों, पक्षियों और कीड़ों की प्रजातियां लुप्तप्राय और बदतर हो रही हैं, दुनिया से विलुप्त हो रही हैं, यह पर्यावरण की रक्षा में निवेश शुरू करने का सही समय है।

अनेक समस्याएं विद्यमान हैं जैसे बढ़ती जनसंख्या, मृदा अपरदन, बदलती जलवायु, वनों को काटा जाना और जल, वायु प्रदूषण आदि। पर्यावरण संरक्षण के लिए यह अहम दिन है।

हर साल 16 से 22 अप्रैल तक पृथ्वी सप्ताह मनाया जाता है। यह सप्ताह लोगों को पृथ्वी दिवस, जलवायु परिवर्तन और इसके खिलाफ कदम उठाने की के बारे में शिक्षित करने के लिए समर्पित है। पृथ्वी सप्ताह कदम उठाने और ग्रह की रक्षा के बारे में बातचीत शुरू करने का एक शानदार अवसर है।

Nitrogen Cycle
12/04/2024

Nitrogen Cycle

17/03/2024

सभी साथियों से निवेदन है, एक दिल्ली की फ़ूड बेस्ड कंपनी है जिसमें कोई खास काम नहीं हुआ है 2 साल पुरानी है नाम बहुत अच्छा है और कोई लाइबिलिटी भी नहीं है यदि कोई दिल्ली से हैं और काम करना चाहते हैं तो संपर्क करें कंपनी खरीदने के लिए मोबाइल - 9997871103

18/02/2024

*अंततः नियति ने ट्रिगर खींच लिया...*

*दक्षिण अफ्रीका* की राजधानी, *केप टाउन* को दुनिया का पहला जलविहीन शहर घोषित किया गया है क्योंकि इसकी सरकार ने *14 अप्रैल, 2023* के बाद पानी उपलब्ध कराने में असमर्थता का संकेत दिया है।
वहां स्नान करना वर्जित है.
10 लाख लोगों का कनेक्शन काटने की तैयारी चल रही है.
जैसे भारत में पेट्रोल पंप पर जाकर पेट्रोल खरीदा जाता है, वैसे ही केपटाउन में पानी के टैंकर होंगे जहां 25 लीटर पानी मिलेगा.
दुनिया की यह दुखद यात्रा अंततः किसी के साथ भी घटित होगी, इसलिए पानी का संयम से उपयोग करें।
पानी की बर्बादी रोकें हमने यह भी देखा है कि लातूर (महाराष्ट्र) में पानी रेल द्वारा भेजा जाता है।
*दुनिया का केवल 2.7% पानी ही पीने योग्य है।*
*समूह के सदस्यों से अपील*!!
आसपास के सभी बांधों में पानी का स्तर नीचे जाने से भूजल स्तर गहरा हो गया है।
एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हम पानी की बर्बादी रोककर पानी बचाएंगे। आप आसानी से कर सकते हैं. :-
1. *कार/बाइक को रोज न धोएं*।
2. *आँगन/सीढ़ियाँ/फर्श धोने से बचें या धोने में कम से कम पानी का उपयोग करें*।
3.. *नल को लगातार चालू न रखें.*.
4. *और भी कई अच्छे उपाय करके पानी बचाएं*.
5. *घर में टपकते नल को ठीक कराएं।*
6. *पौधे के गमले में कम से कम पानी डालें।*
7. *सड़क पर पानी न छिड़कें*
आइये मिलकर इस संकट का सामना करें।

01/01/2024

*सूर्य संवेदना पुष्पे:, दीप्ति कारुण्यगंधने|*
*लब्ध्वा शुभम् नववर्षेअस्मिन् कुर्यात्सर्वस्य मंगलम् ||*

```जिस तरह सूर्य प्रकाश देता है, संवेदना करुणा को जन्म देती है, पुष्प सदैव महकता रहता है, उसी तरह यह नूतन वर्ष आपके लिए हर दिन, हर पल के लिए मंगलमय हो।```

_*नववर्ष 2024 की हार्दिक शुभकामनायें !*_🙏🙏🙏🌷🪴🌴🌱🍀☘️🌈

साथियो नमस्कार🙏आपको सूचित करते हुए बहुत हर्ष हो रहा कि भारत के वो लोग जो प्रकृति से प्रेम करते है व जिनके पास खेती है ले...
27/12/2023

साथियो नमस्कार🙏

आपको सूचित करते हुए बहुत हर्ष हो रहा कि भारत के वो लोग जो प्रकृति से प्रेम करते है व जिनके पास खेती है लेकिन जानकारी के अभाव में खेती नहीं कर पा रहे हैं।

ऐसे प्रकृति प्रेमी लोगों की हमवैज्ञानिक रूप में सफल होती खेती/फार्म बनाने की तरफ मदद करेंगे। इसके लिए हमने फार्म कंसल्टिंग का कार्य शुरू कर दिया है।अतः जिस किसी के संपर्क में इस प्रकार लोग हैं या स्वम भी अपनी खेती को प्रॉफिटेबल बनाना चाहते हैं तो आप हमसे संपर्क कर सकते हैं।

हम प्राकृतिक खेती, जैविक खेती,ग्रीनहॉउस खेती, संतुलित खेती, होमा फॉर्मिंग, परमाकलचर, मिश्रित फसलों के फार्म मैंनेजमेंट आदि अनेक प्रकार की खेती से आपके खेती को लाभ में लाएंगे जिसमें उत्पादन लागत कम होगी लेकिन उत्पादन भरपूर होगा साथ ही उचित समय पर प्लानिंग करके क्रॉपिंग पैटर्न बनाये जाएंगे आपके क्षेत्र की जलवायु के अनुसार, तब एक सफल खेती का मॉडल बन पाएगा।

ग्रीन हाउस, नेट हाउस, ओपन फील्ड में सब्जियां, अनाज, दलहन, फलों व फूलों की खेती आदि शामिल करते हुए किसान को लाभ में लाना ही हमारा उद्देश्य है।

हरेक तरह सम्भव हो सकने वाली बाजार, मौसम, फसलों किस्मो आधारित वैज्ञानिक खेती की सही दिशा निर्देश और सुझावों के लिये सम्पर्क कीजिये-

#किसानी
मोबाइल - 9997871103 और ईमेल आईडी - [email protected]

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