16/06/2025
छत्तीसगढ़ राज्य परिषद रायगढ़
1️⃣ फेसबुक पोस्ट (हिंदी)
📢 जनहित में जारी | रायगढ़ विशेष रिपोर्ट
रायगढ़ की जनता से सवाल: क्या मरीन ड्राइव परियोजना वाकई विकास है या गरीबों की नींव पर बुलडोजर?
➡️ 295 घरों को सिर्फ 12 घंटे में नोटिस भेजकर उजाड़ा ➡️ महिलाओं के साथ पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की, कुछ गिरफ्तारियाँ ➡️ पुनर्वास योजना कागज़ों में, जमीन पर कुछ भी नहीं ➡️ सवाल पूछने वाले पत्रकार/नागरिक सोशल मीडिया पर ब्लॉक करने की शिकायत
🔎 **अब जनता पूछेगी सवाल:**
1️⃣ बिना पुनर्वास व्यवस्था के घर तोड़ना क्या तानाशाही नहीं?
2️⃣ महिलाओं पर पुलिस का व्यवहार लोकतंत्र की मर्यादा में कहाँ फिट बैठता है?
3️⃣ सवाल पूछने पर सोशल मीडिया ब्लॉक‑पॉलिटिक्स लोकतंत्र का अपमान नहीं?
4️⃣ क्या पुराने कोयला/मेडिकल घोटालों की जांच अभी तक अधूरी है?
✅ **स्रोत:**
– “No proper notice or resettlement plans”: रायगढ़ के केलो नदी किनारे 295 घरों की बसाहट को सिर्फ 12 घंटे में लेकर बुलडोजर चलाया गया, महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की और गिरफ्तारियाँ भी हुईं
– छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) में 550–660 ₹ करोड़ के घोटाले; रेंजेंट खरीद में अनियमितता, बोरड एक्सपायर ड्रग्स का उपयोग
– हाल ही में ईओडब्ल्यू ने DMF घोटाले में IAS अफसर और पूर्व OSD पर 6000-पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया
❗ रायगढ़ चुप नहीं रहेगा #रायगढ़_का_सच #विकास_या_तानाशाही #सवाल_तो_पूछेंगे
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2️⃣ ट्विटर पोस्ट (हिंदी | लिंक के बिना, 280 कैरेक्टर में)
रायगढ़ में विकास = लोकतंत्र का गला घोंटना?
➡️ 12 घंटे में 295 घरों का नोटिस ➡️ महिलाओं के साथ पुलिस का व्यवहार ➡️ सवाल पूछने पर ब्लॉक‑पॉलिटिक्स!
क्या रायगढ़ अब तानाशाही की प्रयोगशाला बन रहा है? #रायगढ़_का_सच ौधरी_जवाब_दो
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3️⃣ LinkedIn पोस्ट (English | Professionals | Open sources)
📢 Public Interest Notice | Special Report on Raigarh, India
➡️ In Raigarh, Chhattisgarh, 295 households were served demolition notices with just 12 hours' warning for the “Marine Drive” project. Police reportedly manhandled women protesters. Some citizens and local journalists have been blocked on social media for questioning the process.
➡️ Rehabilitation commitments remain purely on paper.
➡️ Recent disclosures: CGMSC medical procurement scams worth ₹550–660 crore, questionable reagent purchases with expired drugs.
➡️ A 6,000-page charge sheet filed by EOW in the DMF scam implicates IAS officers & former CM’s OSD.
Questions for Professionals:
1️⃣ Is this humane governance without proper rehabilitation?
2️⃣ Can police aggression toward protesting women align with democratic values?
3️⃣ Does social-media censorship of dissent belong in a democracy?
4️⃣ Why are major state-level scams still unaddressed?
Verified Sources:
Raigarh demolition & police handling
CGMSC ₹550–660 Cr medical procurement scam
EOW ₹6000‑page DMF scam charge sheet
🗣️ *Democracy needs voices, not silencers.*
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🏛️ प्रमुख छत्तीसगढ़ घोटाले (पिछले ~25 वर्षों में)
समय स्कैम का नाम & विवरण
~2008 सालवा जुडूम – नक्सल विरोधी सेना में 12,000+ बाल सैनिकों की भर्ती; सुप्रीम कोर्ट ने माना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन
2014 बिलासपुर नसबंदी केस – 15 महिलाओं की मौत, दूषित दवाओं से त्रासदी; कई स्वास्थ्य अधिकारियों व चिकित्सकों पर कार्रवाई
2012–13 कोल एलोकेशन/कोलगेट – कोयला ब्लॉक आवंटन में गड़बड़ी, कंपनियों ने चुकाया अरबों रूपये का भुगतान
2020–23 CGMSC मेडिकल/रीएजेंट स्कैम – ₹550–660 Cr का मेडिकल उपकरण एवं रेंजेंट घोटाला; EOW/ACB ने प्राथमिकी व आरोपपत्र दाखिल किए
2022–24 DMF घोटाला – 6,000-पन्नों का आरोपपत्र, IAS अफसर, OSD शामिल; निजी कंपनियों द्वारा कमीशन के बाद अनुबंध प्राप्त
इन घटनाओं ने न केवल सरकारी धन की भारी हानि की, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मानवाधिकारों पर गहरा प्रश्नचिन्ह भी खड़ा किया है।
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