07/10/2020
कहा जाता है कि धन की देवी लक्ष्मी को पारिजात के फूल अत्यंत प्रिय हैं. पूजा-पाठ के दौरान मां लक्ष्मी को ये फूल चढ़ाने से वो प्रसन्न होती हैं. खास बात ये है कि पूजा-पाठ में पारिजात के वे ही फूल इस्तेमाल किए जाते हैं जो वृक्ष से टूटकर गिर जाते हैं.
पारिजात के बारे में कहा जाता है कि इसे कान्हा स्वर्ग से धरती पर लाए और गुजरात (Gujarat) राज्य के द्वारका (Dwarka) में लगाया था. इसके बाद अर्जुन द्वारका से पूरा का पूरा पारिजात वृक्ष ही उठा लाए. यह वृक्ष 10 से 30 फीट तक की ऊंचाई वाला होता है. खासतौर से हिमालय (Himalaya) की तराई में पारिजात ज्यादा संख्या में मिलते हैं. इसके फूल, पत्तों और तने की छाल का इस्तेमाल औषधि निर्माण में होता है.