21/04/2025
"शाहजहांपुर में किलकारी की जगह उठी चीत्कार — चारु नहीं रहीं..."
लापरवाही ने छीना एक मां का सपना, एक परिवार का उजाला
शाहजहांपुर के मोहनगंज इलाके की रहने वाली चारु आहूजा — एक शिक्षिका, एक बेटी, एक बहू और बनने वाली थीं एक मां। घर में खुशियों की तैयारी थी। परिवार बेसब्री से उस दिन का इंतज़ार कर रहा था जब नन्हीं किलकारी गूंजेगी। और वो दिन आया भी... चारु ने एक बेटे को जन्म दिया।पर इस जन्म के साथ जो हुआ, उसने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी।
आरोप है कि शहर के बृजदीप नर्सिंग होम की डॉक्टर दीपा की लापरवाही ने चारु का जीवन छीन लिया। पहले ऑपरेशन के बाद ही चारु को असहनीय पीड़ा होने लगी। डॉक्टर ने स्थिति को संभालने की बजाय जल्दबाज़ी में दूसरा ऑपरेशन कर डाला। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।हालत जब बिगड़ने लगी तो उन्हें कमला नर्सिंग होम रेफर किया गया — मगर जीवन रुक चुका था।
चारु का परिवार गहरे सदमे में है। उनका कहना है कि पहले ही ऑपरेशन में भारी गड़बड़ी की गई, जिसका परिणाम यह दूसरी सर्जरी और अंततः मौत बनी।आज उस घर में, जहां बच्चों की हंसी गूंजनी थी, अब सन्नाटा है।जिस मां की गोद भरनी थी, उसी को खो दिया गया।
बच्चे को जन्म देने वाली मां अब खुद इस दुनिया को अलविदा कह चुकी है।
क्या अब भी कोई जवाबदेह होगा?
क्या मेडिकल लापरवाही पर सिर्फ फाइलें चलेंगी या इंसाफ की गूंज भी होगी?यह खबर सिर्फ चारु की नहीं है।
यह हर उस मां की है, जो डॉक्टर पर भरोसा कर अस्पताल जाती है... और लौट कर कभी नहीं आती।
DM Shahjahanpur
UP Police