NVD Orchard Shimla

NVD Orchard Shimla Narain Vatika Darkali situated at 7000 to 9000 feet above MSL at village Darkali, Rampur Bushahar Shimla HP.

Naraina Vatika Darkali produce different quality of apple

प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर्स (PGR)- फसलों के लिए 'संजीवनी' की पूरी जानकारी:-खेती में आजकल PGR (प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर) का बहुत...
30/01/2026

प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर्स (PGR)- फसलों के लिए 'संजीवनी' की पूरी जानकारी:-

खेती में आजकल PGR (प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर) का बहुत नाम है। सरल भाषा में कहें तो ये पौधों के लिए "हार्मोन" या "टॉनिक" की तरह काम करते हैं। पौधों की वृद्धि और अच्छी पैदावार के लिए प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर (PGR) का सही समय पर इस्तेमाल बहुत जरूरी है। इसे आसान भाषा में समझने के लिए हम इन्हें दो भागों में बाँट सकते हैं: बढ़ाने वाले (Promoters) और रोकने वाले (Inhibitors)।

यहाँ सभी 8 मुख्य PGR के बीच का अंतर और उनके काम दिए गए हैं:-

1. ऑक्सिन ( ) - "जड़ और लंबाई का राजा"
मुख्य काम: मुख्य रूप से जड़ों के विकास में मदद करता है। यह पौधे के ऊपरी हिस्से को ऊपर की ओर बढ़ने में मदद करता है।

कब इस्तेमाल करें: फसल की शुरुआती अवस्था में ताकि जड़ें गहरी जाएँ।

2. साइटोकिनिन ( ) - "शाखाओं और फुटाव का विशेषज्ञ"
मुख्य काम: यह कोशिका विभाजन को बढ़ाता है। इसका सबसे बड़ा काम नई शाखाएं निकालना और पत्तियों को लंबे समय तक हरा रखना है।

कब इस्तेमाल करें: जब आपको फसल में अधिक कल्ले या शाखाएं चाहिए हों।

3. जिबरेलिक एसिड ( Acid - GA3) - "कद और फल का आकार"
मुख्य काम: यह पौधे के कद को तेजी से बढ़ाता है। यह फूलों की संख्या बढ़ाता है और फलों के आकार को बड़ा करने में सबसे कारगर है।

कब इस्तेमाल करें: फलों का साइज बढ़ाने के लिए और बीज अंकुरण के समय।

4. ABA (एब्सिसिक एसिड) - "स्ट्रेस हार्मोन"
मुख्य काम: यह पौधे को सूखा, पाला या गर्मी सहने की शक्ति देता है। जब पानी की कमी होती है, तो यह पौधे के छिद्रों को बंद कर देता है ताकि नमी बनी रहे।

कब इस्तेमाल करें: विपरीत मौसम की स्थिति में पौधे को बचाने के लिए।

5. एथिलीन / एथेफ़ोन ( ) - "पकाने वाला मास्टर"
मुख्य काम: यह फलों को पकाने और रंग लाने का काम करता है। यह मादा फूलों की संख्या बढ़ाने में भी मदद करता है (जैसे लौकी, कद्दू में)।

कब इस्तेमाल करें: फसल तैयार होने पर फलों को एक साथ पकाने के लिए।

6. ब्रासिनोस्टेरॉइड्स (Brassinosteroids) - "रोग प्रतिरोधक और मजबूती"
मुख्य काम: यह पौधे की रोगों और तनाव से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है। यह तने को मजबूती देता है और परागण (Pollination) की प्रक्रिया को बेहतर करता है।

कब इस्तेमाल करें: फसल को बीमारियों से बचाने और दाना भरने के समय।

7. नाइट्रोबेंजीन ( ) - "फूलों का बूस्टर"
मुख्य काम: यह मुख्य रूप से फूलों की भारी पैदावार के लिए जाना जाता है। यह फूलों को झड़ने से रोकता है और पौधों में ऊर्जा का संचार करता है।

कब इस्तेमाल करें: फूल आने से 10-15 दिन पहले।

8. ट्रायकोंटानोल ( ) - "मेटाबॉलिज्म और चमक"
मुख्य काम: यह एक प्राकृतिक तत्व है जो पौधों में प्रकाश संश्लेषण को बढ़ाता है। इससे फसल हरी-भरी रहती है और दानों/फलों में चमक आती है।

कब इस्तेमाल करें: फसल की बढ़वार के किसी भी स्टेज पर (ज्यादातर वनस्पति विकास के दौरान)।

जरूरी सलाह: PGR का इस्तेमाल हमेशा सही मात्रा में ही करें। इनकी थोड़ी सी भी ज्यादा मात्रा फायदे की जगह नुकसान (जैसे पत्तियां जलना या बढ़वार रुकना) कर सकती है।

#किसान_शक्ति #खेती_किसानी

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कंटेनर गार्डनिंग में गुड़ को एक प्राकृतिक और प्रभावी जैविक सुधारक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। प्राचीन काल से ही...
02/03/2025

कंटेनर गार्डनिंग में गुड़ को एक प्राकृतिक और प्रभावी जैविक सुधारक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। प्राचीन काल से ही कृषि में गुड़ का कई तरह से इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह पौधों की वृद्धि में मदद करने के साथ-साथ कीटों की रोकथाम के लिए भी उपयोगी है। गुड़ को खाद के रूप में इस्तेमाल करने से मिट्टी में लाभदायक सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ती है, जिससे पौधों की वृद्धि बेहतर होती है। कई लोगों को संदेह होता है कि इसके इस्तेमाल से पौधों पर चींटियां आकर्षित होंगी। तो यह लेख आपकी शंकाओं को भी दूर कर देगा। गुड़ में ऐसे सूक्ष्मजीव मौजूद होते हैं, जो पानी में घुलने के बाद प्रतिक्रिया करके कुछ ही घंटों में इसकी मिठास को खत्म कर देते हैं। गुड़ के कई प्राकृतिक उपाय हैं, जिनके इस्तेमाल से रासायनिक खादों और कीटनाशकों के इस्तेमाल को कम किया जा सकता है, जिससे पौधे और फसलें ज्यादा सुरक्षित और जैविक उपज देने वाली बन सकती हैं। आइए लेख में आगे जानते हैं कि इसका इस्तेमाल हम कैसे कर सकते हैं।

■ गुड़ के लाभ:-
★ गुड़ में मौजूद सूक्ष्म पोषक तत्व, जैसे कि कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, और पोटैशियम, सूक्ष्मजीवों में प्रोटीन संरचनाओं को बनाए रखते हैं।

★ गुड़ के मिश्रण से एफ़िड्स, चींटियों, और रूट नॉट नेमाटोड्स जैसे कीटों के साथ-साथ खराब कवक को रोकने में मदद मिलती है।

★ गुड़ मिट्टी में सूक्ष्म जीवों को बढ़ावा देता है जो पौधों को पोषक तत्व सोखने में मदद करते हैं।

■ गुड़ के खाद के रूप में कार्य करने के मुख्य कारण:-
गुड़ खाद के रूप में इसलिए काम करता है क्योंकि यह मिट्टी में सूक्ष्मजीवों (बैक्टीरिया और फफूंद) की संख्या बढ़ाने में मदद करता है। ये सूक्ष्मजीव कार्बनिक पदार्थों के विघटन और पोषक तत्वों को पौधों के लिए उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाते हैं।

● सूक्ष्मजीवों के लिए ऊर्जा स्रोत
गुड़ में प्राकृतिक शर्करा (ग्लूकोज और सुक्रोज) होता है, जोकि मिट्टी में लाभकारी बैक्टीरिया और फफूंद को सक्रिय और उपलब्ध करने में मदद करता है। इससे जैविक गतिविधि बढ़ती है और मिट्टी अधिक उपजाऊ होती है।

● मिट्टी की उर्वरता में सुधार
गुड़ जैविक खाद और कम्पोस्ट में मिलाने पर नाइट्रोजन फिक्सिंग बैक्टीरिया की सक्रियता को बढ़ाता है, जिससे पौधों को अधिक पोषण मिलता है। यह मिट्टी में माइक्रोबियल बैलेंस बनाए रखता है, जिससे पोषक तत्व आसानी से घुल जाते हैं। पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

■ गुड़ का उपयोग:-

1) जैविक खाद के रूप में:-
• सामग्री:
200 ग्राम गुड़
10 लीटर पानी
1 किलो गोबर खाद या वर्मी कम्पोस्ट
• बनाने की विधि:
★ गुड़ को पानी में घोलें।
★ घोल को 24 घंटे के लिए छायादार स्थान पर रखें ताकि इसमें सूक्ष्मजीव सक्रिय हो सकें।
★ गोबर या वर्मी कम्पोस्ट मिलाएं।
★ अगले दिन पौधों की जड़ों के आसपास डालें।
• लाभ:
★ मिट्टी में जैविक गतिविधि बढ़ती है।
★ पौधों की जड़ों को अधिक पोषण मिलता है।
★ मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है।

2) गुड़ और छाछ का उपयोग:-
• सामग्री:
200 ग्राम गुड़
2 लीटर छाछ
10 लीटर पानी
• बनाने की विधि:
★ गुड़ और छाछ को पानी में अच्छी तरह मिलाएं।
★ घोल को 2-3 दिन के लिए छोड़ दें, ताकि बैक्टीरिया सक्रिय हो जाएं।
★ इसे खेत में पौधों की जड़ों के आसपास डालें।
• लाभ:
★ यह फफूंद और हानिकारक कीटों को दूर करता है।
★ मिट्टी में लाभकारी बैक्टीरिया की संख्या बढ़ती है।
★ फसल की वृद्धि तेज होती है।

3) गुड़ और जैविक खाद का मिश्रण
गुड़ को गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, नीम खली, या किसी अन्य जैविक खाद के साथ मिलाकर मिट्टी में डाला जा सकता है।
• बनाने की विधि:
★ 200 ग्राम गुड़ को 500ml पानी में घोलें।
★ इसे 10 किलोग्राम गोबर खाद या वर्मी कम्पोस्ट में मिलाएं।
★ इस मिश्रण को मिट्टी में डालें।
• लाभ:
★ यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
★ पौधों को अधिक पोषण मिलता है।
★ जैविक तरीके से उत्पादन बढ़ता है।

4) जैविक वृद्धि प्रवर्धक के रूप में:-
गुड़ पौधों की वृद्धि में मदद करता है क्योंकि यह मिट्टी में लाभकारी बैक्टीरिया की संख्या को बढ़ाता है।
• उपयोग:
★ 1 लीटर पानी में 100 ग्राम गुड़ मिलाकर पौधों की जड़ों में डालने से पौधे तेजी से बढ़ते हैं।

5) जैविक कीटनाशक के रूप में:-
गुड़ का उपयोग ट्राइकोडर्मा, पीएसबी (फॉस्फोरस सॉल्युब्लाइजिंग बैक्टीरिया) और अन्य लाभकारी बैक्टीरिया को बढ़ाने के लिए किया जाता है, जिससे पौधों को रोगों से बचाने में मदद मिलती है।
• कैसे करें उपयोग:
★ नीम का तेल या लहसुन-अदरक के रस में गुड़ मिलाकर स्प्रे करने से कीट दूर रहते हैं।
• बनाने की विधि:
★ 1 लीटर पानी में 50 ग्राम गुड़ और 10 ml नीम का तेल मिलाकर स्प्रे करें।

6) फोलियर स्प्रे:-
गुड़ को पौधों की पत्तियों पर स्प्रे करने से पत्तों को पोषण मिलता है।
• उपयोग की विधि:
★ 1 लीटर पानी में 20 ग्राम गुड़ रात में घोल कर छोड़ दें।
★ सुबह-सुबह घोल को स्प्रे करें।

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ब्लूबेरी की सफल खेती के लिए जरूरी बातेंब्लूबेरी एक झाड़ीदार पौधा (shrub) है जिसकी जड़ें सतही और कोमल होती हैं। यह एरिकेस...
23/02/2025

ब्लूबेरी की सफल खेती के लिए जरूरी बातें

ब्लूबेरी एक झाड़ीदार पौधा (shrub) है जिसकी जड़ें सतही और कोमल होती हैं। यह एरिकेसी (Ericaceae) परिवार से संबंधित है और इसे उगाने के लिए अम्लीय मिट्टी (acidic soil) जरूरी होती है। सामान्य मिट्टी में यह ठीक से नहीं बढ़ता और फल उत्पादन भी प्रभावित होता है।

✅ 1. अम्लीय मिट्टी – ब्लूबेरी के स्वस्थ विकास और अच्छी पैदावार के लिए pH 4.5 - 5.5 की मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है।
✅ 2. पर्याप्त नमी – ब्लूबेरी की जड़ें सतही होती हैं, इसलिए इसे नियमित और संतुलित सिंचाई की आवश्यकता होती है।
✅ 3. जैविक पदार्थ (Organic Matter) – इसकी जड़ें माइकोराइजल (mycorrhizal) होती हैं और अधिक खाद की जरूरत नहीं होती। इसके बजाय, धीरे-धीरे सड़ने वाले जैविक पदार्थ जैसे पाइन की छाल, लकड़ी के टुकड़े, पत्तियां, रीड्स, मकई के डंठल, और पाइन सुइयां उपयुक्त होते हैं।

✅ अच्छा जल निकास और वायुसंचार बनाए रखें और ब्लूबेरी को बिना किसी कठिनाई के उगाएं!

IPM Beneficial insects for apple farming
12/07/2024

IPM
Beneficial insects for apple farming

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