30/01/2026
प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर्स (PGR)- फसलों के लिए 'संजीवनी' की पूरी जानकारी:-
खेती में आजकल PGR (प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर) का बहुत नाम है। सरल भाषा में कहें तो ये पौधों के लिए "हार्मोन" या "टॉनिक" की तरह काम करते हैं। पौधों की वृद्धि और अच्छी पैदावार के लिए प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर (PGR) का सही समय पर इस्तेमाल बहुत जरूरी है। इसे आसान भाषा में समझने के लिए हम इन्हें दो भागों में बाँट सकते हैं: बढ़ाने वाले (Promoters) और रोकने वाले (Inhibitors)।
यहाँ सभी 8 मुख्य PGR के बीच का अंतर और उनके काम दिए गए हैं:-
1. ऑक्सिन ( ) - "जड़ और लंबाई का राजा"
मुख्य काम: मुख्य रूप से जड़ों के विकास में मदद करता है। यह पौधे के ऊपरी हिस्से को ऊपर की ओर बढ़ने में मदद करता है।
कब इस्तेमाल करें: फसल की शुरुआती अवस्था में ताकि जड़ें गहरी जाएँ।
2. साइटोकिनिन ( ) - "शाखाओं और फुटाव का विशेषज्ञ"
मुख्य काम: यह कोशिका विभाजन को बढ़ाता है। इसका सबसे बड़ा काम नई शाखाएं निकालना और पत्तियों को लंबे समय तक हरा रखना है।
कब इस्तेमाल करें: जब आपको फसल में अधिक कल्ले या शाखाएं चाहिए हों।
3. जिबरेलिक एसिड ( Acid - GA3) - "कद और फल का आकार"
मुख्य काम: यह पौधे के कद को तेजी से बढ़ाता है। यह फूलों की संख्या बढ़ाता है और फलों के आकार को बड़ा करने में सबसे कारगर है।
कब इस्तेमाल करें: फलों का साइज बढ़ाने के लिए और बीज अंकुरण के समय।
4. ABA (एब्सिसिक एसिड) - "स्ट्रेस हार्मोन"
मुख्य काम: यह पौधे को सूखा, पाला या गर्मी सहने की शक्ति देता है। जब पानी की कमी होती है, तो यह पौधे के छिद्रों को बंद कर देता है ताकि नमी बनी रहे।
कब इस्तेमाल करें: विपरीत मौसम की स्थिति में पौधे को बचाने के लिए।
5. एथिलीन / एथेफ़ोन ( ) - "पकाने वाला मास्टर"
मुख्य काम: यह फलों को पकाने और रंग लाने का काम करता है। यह मादा फूलों की संख्या बढ़ाने में भी मदद करता है (जैसे लौकी, कद्दू में)।
कब इस्तेमाल करें: फसल तैयार होने पर फलों को एक साथ पकाने के लिए।
6. ब्रासिनोस्टेरॉइड्स (Brassinosteroids) - "रोग प्रतिरोधक और मजबूती"
मुख्य काम: यह पौधे की रोगों और तनाव से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है। यह तने को मजबूती देता है और परागण (Pollination) की प्रक्रिया को बेहतर करता है।
कब इस्तेमाल करें: फसल को बीमारियों से बचाने और दाना भरने के समय।
7. नाइट्रोबेंजीन ( ) - "फूलों का बूस्टर"
मुख्य काम: यह मुख्य रूप से फूलों की भारी पैदावार के लिए जाना जाता है। यह फूलों को झड़ने से रोकता है और पौधों में ऊर्जा का संचार करता है।
कब इस्तेमाल करें: फूल आने से 10-15 दिन पहले।
8. ट्रायकोंटानोल ( ) - "मेटाबॉलिज्म और चमक"
मुख्य काम: यह एक प्राकृतिक तत्व है जो पौधों में प्रकाश संश्लेषण को बढ़ाता है। इससे फसल हरी-भरी रहती है और दानों/फलों में चमक आती है।
कब इस्तेमाल करें: फसल की बढ़वार के किसी भी स्टेज पर (ज्यादातर वनस्पति विकास के दौरान)।
जरूरी सलाह: PGR का इस्तेमाल हमेशा सही मात्रा में ही करें। इनकी थोड़ी सी भी ज्यादा मात्रा फायदे की जगह नुकसान (जैसे पत्तियां जलना या बढ़वार रुकना) कर सकती है।
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